बहुत से लोग बस अपने दुःखों का गीत गाते है
दिवाली हो या होली सदा मातम मनाते है,
मगर दुनिया उन्हीं की रागिनी पर झूमती है
जो जलती चिता में भी बैठ वीणा बजाते है।
दुःख हो या सुख, हानि हो या लाभ
जीत हो या हार, अपने जीवन को,
मधुर संगीत से, आनंद और उत्साह से
भरे रखना ही, जीवन-संगीत है।
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